शेर और चूहे की कहानी

शेर और चूहे की कहानी 

एक दिन एक शेर धूप में सो रहा था। एक छोटा चूहा खेलने के लिए बाहर आया हुआ था। छोटा चूहा शेर के ऊपर दौड़ा
गर्दन के ऊपर , बाएं, फिर दाएं और उसकी पीठ के नीचे फिसल गया।

एक बड़े झपट्टे  के साथ शेर ने उसे पकड़ लिया
‘मैं तुम्हें खाने जा रहा हूँ!’ शेर दहाड़ उठा, उसका मुँह चौड़ा हो गया।

‘नहीं, नहीं, कृपया ऐसा  मत करो!’ छोटा चूहा रोया। ‘मुझ पर दया करो और एक दिन मैं’आपकी मदद करूँगा ।’

‘मैं एक शेर हूँ! तुम एक चूहे हो! तुम क्या कर सकते हो?’ शेर हँसा, बहुत जोर से हंसा, हा – हा – हा! पर छोड़ दिया।

और चूहा भाग गया।
लेकिन अगले ही दिन चूहा बाहर घूम रहा था। उसने एक बड़ी गर्जना सुनी, और
जंगल के राजा को जाल में फंसा हुआ देखा।

चूहे ने तेजी से काम किया और रस्सी को काट डाला ।
शेर ने कहा, ‘ओह छोटे चूहे, मुझे कोई उम्मीद नहीं थी। तुम सही थे.

तब से चूहे और शेर आपस में मित्र हैं.

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