लॉ की पढाई किस क्लास से शुरू होती है

लॉ की पढाई किस क्लास से शुरू होती है

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (Central Board of  Secondary Education -CBSE) ने 11वीं एवं 12वीं क्लास में वैकल्पिक विषय के रूप में ‘क़ानून की पढ़ाई’ शुरू करने का निश्चय किया है। सीबीएसई की डायरेक्टर (अकादमिक शोध प्रशिक्षण) डॉ. साधना पाराशर ने कहा कि आज की परिस्थिति और शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों से चर्चा के बाद बोर्ड, शैक्षणिक सत्र 2013-14 से ‘लॉ’ को वैकल्पिक विषय के रूप में पेश करने जा रहा है।

‘लॉ’ को ऐकडेमिक सेशन 2013-14 से पहले पायलट परियोजना के आधार पर 11वीं कक्षा में 20 स्कूलों में पेश किया जाएगा और यह ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगा। अधिकारी ने कहा कि इसे वैकल्पिक विषय के रूप में 3 अन्य वैकल्पिक पेपर्स एवं भाषाई पेपर के साथ पेश किया जाएगा। देश में स्थित स्कूलों से यह विषय शुरू करने के लिए 3, 000 रुपये और देश से बाहर के स्कूलों से 10,000 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।

बोर्ड ने इस विषय पर सभी संबद्ध संस्थाओं के प्रमुखों को पत्र भी लिखा है जिसमें वर्तमान परिस्थितियों में लॉ की पढ़ाई के महत्व को रेखांकित किया गया है। सीबीएसई ने अपने पत्र में संस्थाओं से कहा है कि समय की परिकल्पना के साथ ही कानून का विचार भी अस्तित्व में आया है। समय के साथ हालांकि इसका स्वरूप बदला, लेकिन आज के समाज में भी यह प्रासंगिक है और काफी मजबूत रूप में सामने आया है।

बोर्ड ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में कवियों से लेकर राजनीतिज्ञों और वकीलों सभी ने अहम योगदान किया। दुनिया के इतिहास में भी कानूनी पृष्ठभूमि से आए लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा जिसमें महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, अब्राहम लिंकन शामिल हैं।

बोर्ड ने अपने पात्र में कहा कि एक नागरिक के तौर पर भी कई बार हमें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जब हमें कानूनी मदद की जरूरत पड़ती है। ऐसे में हम क्या करें और क्या नहीं करें, इसके लिए कानून की जानकारी की जरूरत होती है।

कानून न सिर्फ नियमों का संग्रह है, बल्कि आम लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का भी काम करता है। ऐसे में सभी लोगों को कानून के बुनियादी प्रावधान और उसके उपयोग के बारे में जानना चाहिए। बच्चे कानून को करियर के रूप में भी आगे अपना सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में 11वीं एवं 12वीं क्लास में ऑप्शनल पेपर के रूप में ‘लॉ की पढ़ाई’ को पेश करने का निर्णय किया गया है।